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    अब आंगनबाडी केन्द्रो पर पढने वाले बच्चो को दैनिक पोषाहार में मिलेंगे पोषणयुक्त लड्डू, अब बच्चो को केन्द्र पर नही मिलेगा पका हुआ भोजन


    * सप्ताह में तीन दिन सतू लड्डू जिसमें मूंगफली, गुड शुद्ध देशी घी होगा।

    * सप्ताह में तीन दिन गेहूं की आटा हलुआ बिना छिलके वाले मूँग दाल, उसना चावल और घी के हाथ गुड वाला लड्डू।

    Wash Your Hands Regularly, Wear Your Masks Properly & Maintain Safe Distance*.


    सिटी संवाददाता जमुई से शशिशेखर सिंह मुन्ना की रिपोर्ट,  


    अलीगंज : अब राज्य के सभी आंगनबाडी केन्द्रो पर पढने वाले बच्चो को दैनिक पोषाहार के रूप में पका हुआ भोजन के बदले  मिलेंगे पोषण युक्त लड्डू। इस पोषाहार का बीते गुरुवार को प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने ऑनलाइन के माध्यम से पुरे प्रदेश में उदघाटन किया था। 

    आंगनबाड़ी केन्द्रो को हाईटेक करने की योजना :- 

    उनहोंने बताया कि आंगनबाडी केन्द्रो की महता को देखते हुए अब इसे पुरी तरीके से हाईटेक करने की तैयारी की जा रही है। ताकि आईसीडीएस के स्तर पर दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व संचालन की प्रक्रिया को और भी अधिक सुविधा जनक और सरल बनाया जा सके।इसके लिए राज्य सरकार ने पोषण ट्रैकर एप की शुरुआत की है। इस एप के सफल संचालन के बारे में सेविकाओ को जानकारी देने के लिए जिले के प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित  किया जा रहा है। इसके लिए प्रखंडों में सेविकाओ की दो से तीन बैच बनाकर ऑफलाइन एप के सफल संचालन और अन्य आवश्यक जानकारियां दी जा रही है। 



    * स्मार्ट फोन में डाउनलोड करना होगा पोषण  ट्रैकर एप : 

    उन्होंने बताया कि जिला के सभी आंगनबाडी सेविकाओ को पहले ही स्मारट फोन उपलब्ध कराया जा चुका है।प्रशिक्षकों के द्वारा सेविकाओ के स्मार्ट फोन में पोषण ट्रैकर एप डाउनलोड करने और उसका उपयोग करने की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सेविकाओ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता को लेकर विभाग ने सभी पंचायत में निगरानी का जिम्मा उस प्रखंड की सीडीपीओ को दिया है, ताकि वो प्रशिक्षण स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन कर सके कि सेविकाओ ने अपने स्मारट फोन में  एप को डाउनलोड किया या नही। एप के प्रशिक्षण के बाद स्थानीय स्तर पर सेविकाओ के द्वारा दी जा रही सभी पोषण गतिविधियों की जानकारी पोषण ट्रैकर एप पर नियमित रूप से अपलोड की जाएगी।इससे रियल टाइम मानिटीरिंग की प्रकिया को मजबूती मिलेगी।एप के द्वारा सेविकाए क्षेत्र में उपस्थित नवजात शिशुओं, गर्भवती - धातु महिलाओं के पोषण व स्वास्थय की जानकारी, टीएचआर का वितरण बच्चो के ग्रोथ की मानिटरिंग आदि तमाम जानकारी दर्ज करेगी।



     * कौन बनाएगी लड्डू :- 

    डीपीओ कविता कुमारी ने बताया कि पहले बच्चे को दैनिक पोषाहार के रूप आंगनबाडी केन्द्रो पर पका हुआ भोजन जैसे -खिचडी, दलिया, हलवा सहित अन्य भोजन मिलता था। अब बच्चो को सेविका-सहायिका के हाथों तैयार किया हुआ पोषण युक्त लड्डू के साथ सतू वाली भी लड्डू मिलेंगे। सप्ताह में तीन दिन सतू के साथ मूंगफली, शुद्ध घी, गुड के संयुक्त मिश्रण से तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सप्ताह के बाकी तीन दिन पोषण युक्त लड्डू मिलेगा जिसमें गेहूं का आटा, मडुआ, बिना छिलके वाली मूँग दाल, उसना चावल, घी के साथ गुड के संयुक्त मिश्रण से बनाया जाएगा जो बच्चो के लिए ना सिर्फ उचित पोषाहार होगा बल्कि, सुपाचय और रूचिपूरण भी होगा। यह कुपोषण की समस्या का स्थाई समाधान होगा।



    * कैसे होगी आंगनबाडी केन्द्रो की मानिटरिंग :- 

    उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के द्वारा आईसीडीएस के माध्यम से संचालित किये जा रहे सभी कार्यक्रमो की शत प्रतिशत निगरानी के साथ ही मूल्याकन की पुरी प्रकिया को अपगरेड किया जा रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने पोषण ट्रैकर के नाम से एक ऑनलाइन एप विकसित किया है। इसके माध्यम से जिला के सभी आंगनबाड़ी सेविकाओ को पोषण ट्रैकर एप के सफल संचालन की जानकारी देने के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बबिता कुमारी ने बताया कि ट्रैकर एप के बारे में सेविकाओ को जानकारी देने कार्य किया जा रहा है।और साथ पोषण युक्त लड्डू के बारे में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर जानकारियां दी जा रही है। ताकि बच्चो को पोषण युक्त लड्डू  का वितरण किया जाना है।



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